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ओम दोषो आगाद् वृहद गाय धुमद गामन्नर्थवण । स्तुहि देवं सवितारं । - सामवेद
O man! Whenever you are surrounded by darkness and evils, pray to the creator. Sing his praise when you are in the crisis of shortages in your life . Only he is all light and is a true teacher.
हे मानव ! हे मानव ! तू ईश्वर की स्तुति कर !
जब दूर तलक दुःख के बादल छाये हों
जब घोर अँधेरे जीवन में आये हों
तब दोनों हाथ जोड़ कर के
तू ईश्वर की स्तुति कर !
जब भी अभाव की चिंताएं घेरे हों
पापों की तरफ कदम बढ़ते तेरे हों
तब दोनों आँख मूँद कर के
तू ईश्वर की स्तुति कर !
जब मन के दोषों से चाहो छुटकारा
मन में छेड़ो प्रभु चिंतन का इकतारा
फिर मन में खुशियाँ भर कर के
तू ईश्वर की स्तुति कर !
ओम दोषो आगाद् वृहद गाय धुमद गामन्नर्थवण । स्तुहि देवं सवितारं । - सामवेद
O man! Whenever you are surrounded by darkness and evils, pray to the creator. Sing his praise when you are in the crisis of shortages in your life . Only he is all light and is a true teacher.
हे मानव ! हे मानव ! तू ईश्वर की स्तुति कर !
जब दूर तलक दुःख के बादल छाये हों
जब घोर अँधेरे जीवन में आये हों
तब दोनों हाथ जोड़ कर के
तू ईश्वर की स्तुति कर !
जब भी अभाव की चिंताएं घेरे हों
पापों की तरफ कदम बढ़ते तेरे हों
तब दोनों आँख मूँद कर के
तू ईश्वर की स्तुति कर !
जब मन के दोषों से चाहो छुटकारा
मन में छेड़ो प्रभु चिंतन का इकतारा
फिर मन में खुशियाँ भर कर के
तू ईश्वर की स्तुति कर !